नौकरी vs व्यवसाय

हेलो दोस्तो मेरा नाम नवीन स्वागत है आपका मेरे एक और नई पोस्ट है दोस्तो हम अक्सर नौकरी या बिजनेस हमेशा से कन्फ्यूजन में रहते हैं क्या करें क्या ना करें तो चलिए दोस्तो, इस ब्लॉग को जारी करें, क्योंकि आपकी इस परेशानी को हल करना है, इस ब्लॉग को पूरा पड़े अपने करियर में एक कदम आगे बढ़ें।

सबसे पहले बिजनेस क्यों करें ? इस बारे में सोचना चाहिए हम बिजनेस क्यों करें ? नौकरी क्यू ना करें ? इसके बारे में मैं हमारे मन में जो संकल्प है हमें संकल्प की एक बार जाच करनी चाहिए आजकल भाग दौड़ भरे जीवन में लोग ज्यादा तर नौकरी को प्राथमिकता देते हैं नौकरी काम मैं सामान्य रूप से 8 घंटे काम कर रहा हूं 8 घंटे तो कहने के लिए यात्रा सब पकड के 12 से 15 घंटे निकल जाता है और हर महीने एक फिक्स दिन सैलरी

हा इसमे हमें कंपनी के फ़ायदे या नुक्सान से कोई लेना देना नहीं पड़ता अपना 8 घंटे 10 घंटे जितना भी हो काम किया या निकल गया माहीन माई एक दिन फिक्स तारिक को पैसा मिलेगा मिल्ने वाले पैसे से परिवार का खर्च ओर कुछ पैसे की बचत फिर बिज़नेस के लिए जोखिम क्यू लेना ये भावना में ही जयदातार लोगो की उम्र निकल जाती है लेकिन लोगो में बिजनेस के. बारे में सोचने वाले लोग काम ही पाये जाते हैं नौकरी का फ़ायदा नुकास का विचार कर के ज्यदातर माता-पिता अपने बच्चे की पूरी पढ़ाई करते समय, बच्चे को बड़ा हो कर क्या करना चाहिए, कौन सी नोकरी करनी चाहिए, इसका पहले विचार कर के शिक्षा देते समय उसी सेक्टर से संबंधित पढाई कराते हैं बड़ा हो कर तुम्हें ये करना है ऐसा बार बार सुना कर उसका दिमाग, इस बात को घुसा दिया जाता है माता पिता अपनी अधूरी इच्छा या आकांक्षा और अपेक्षा को बच्चों पर लाद देते हैं बच्चों की रुचि क्या है ? उसकी क्षमता क्या है? उनसे वहां कर पाना संभव है क्या? बातों का विचार बिना किये सिर्फ अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए उसके बच्चे को वो पढाया जाता है उच्च योग्यता के साथ पढ़ाई करने के बाद सबको अच्छी सैलरी वाली नौकरी की याद आती है लेकिन कुछ ऐसे गिनी चुने लोग होते हैं जिस फील्ड से पड़ाई किया उसमें कुछ बड़ा करने के बारे में मैं विचार करते है या कुछ हासिल करणे से लक्ष्य से पहले से ही तैयारी करते हैं

बिजनेस करने का इरादा हमारा खुद का हो नोकरी करने का विचार हमें अपने मन से पूरी तरह निकालना होगा

तो क्या करे ?

इसका फैसला जब तक न हो तो इसके बिजनेस की शुरुआत नहीं करनी चाहिए बिज़नेस की शुरूवात करते समय सबसे पहले अपनी वित्तीय मानसिकता बौद्धिक क्षमता की जांच करनी चाहिए फ़ायदे नुक्सान को झेलने की आर्थिक क्षमता भले ही कम हो लेकिन मानसिक क्षमता कम नहीं होनी चाहिए या उतनी भी क्षमता नहीं है तो बिजनेस ना करना ही सही होगा थोड़ा सा नुकसान होने पर सब कुछ खत्म हो गया, अगर ऐसी नकारात्मक मानसिकता अगर हो तो बिजनेस हमारे लिए नहीं है, इस बात को समझना ही सही होगा ऐसी मानसिक स्थिति एक व्यवसायी के लिए बहुत खतरनाक है

कुछ भी हो जाये मे सफलता हासिल करुगा यह लक्ष्य रख कर बिजनेस की शुरुआत करने वाले को फेलियर क्यू आए इसका कारण ढूंढ कर फेलियर सेहेन की कैपिसिटी होती है वो लोग ही बिजनेस की ऊंचाईयो तक पहुंच पाते हैं नए व्यवसाय की दुनिया में सामाजिक रूप से वित्तीय ओर प्रौद्योगिकी ज्ञान के बारे में खुद को कितना ज्ञान पता है इसके 1 बार जाच करनी चाहिए सुनी सुनाई बातों के दम पर किसी भी बिजनेस में सफल होना मुश्किल है पार्टिक्ष ज्ञान ओर कृति के दवारा बिजनेस में सफलता मिलती है खुद के पास जो ज्ञान या कोसल है उसका उछित इस्तमाल कर के बिज़नेस माई सफ़लता पाई जाती है किसी कारण से आये हुए फेलियर को समझ कर अपनी गलती को समझ कर फिर से सुधार कर पुनः आरंभ करना चाहिए कई बार पहले की असफलता ही अगली सफलता होती है हमारे पास जो ज्ञान है या कौशल है उसका विचार कर के आत्मपरीक्षण करना चाहिए

दूसरो को सफ़लता मिली इस तरह आपको भी मिलेगी ऐसा नहीं होता दुसरो को सफ़लता के कारण ढूंढो वे सफलता कैसे प्राप्त करते हैं रहस्य को समझो इसे सीखो जो नॉलेज हमारे पास नहीं है ओर आपके बिजनेस में उसकी जरूरत है वो ज्ञान हासिल करो बिजनेस शुरू करने पर आप खुद ही मालिक होंगे इस तरह हमें अपना काम पूरा होने तक काम करना पड़ेगा, इसमे नोकरी वाली भावना 8 घंटे काम करने की इससे व्यवसाय में सफलता नहीं हो पायेगी काम पूरा होने तक काम करने की शारीरिक या मानसिक क्षमता होनी ही चाहिए मेहनत के बिना हम दुनिया के किसी भी सेक्टर में उसके उच्च स्तर तक नहीं पहुँच सकते हैं

उदाहरण के लिए एक दुकान वाला सुबह 8 बजे दुकान खोल कर रात 9 10 11 बजे तक काम करता है अगर वो 9 बजे ही दुकान बंद कर के चला जाए तो उसकी दुकान नहीं चलेगी

नोकरी कर ने वाला किसी बंधन में ना हो इसलिए वो बिजनेस करता है तब उससे बिजनेस की आजादी के मजे लेने के लिए, उसे पहले तक काम करना ही होगा जब तक उसकी दुकान मे ग्राहक उपलब्ध है

अगर आपका बिजनेस मैं सफल होना चाहता है तो आपको स्टाफ़िन होकिन की तरह बुद्धिमती होनी चाहिए

जिस आदमी के शरीर का कोई हिस्सा हलचल नहीं कर सकता अपनी दैनिक गतिविधियां खुद नहीं कर सकता ओर ना ही बोल सकता है ऐसा स्टीफन होकिन ने ब्रह्माण्ड के अनेक खोज अपने आसिम लक्ष्य के बल पर लगायी

इस प्रकार इतना बड़ा क्यू ना हो लेकिन जो सेक्टर हमने चुना है उसके लिए समय तो देना ही होगा कड़ी मेहनत या सीखना ये सब तो करना ही पड़ेगा व्यवसाय या नौकरी क्या करना है इसका फ़ैसला लेन समय क्यू ना लगे लगे लेकिन लास्ट फ़ैसला होना चाहिए कई बार किसी लक्ष्य को हासिल करने में कई तरह की नीतियों को बदलना पड़ता है

इसालिए पूरा सोच समझ कर निर्णय ले

अगर इस फैसले को लेने के बाद भी परेशानी आ रही है तो एक बार गहराई तक सोचे पर एक बार व्यवहार के आधार पर सोचे करु य नहि करु कर पायेगा या नहीं जिस क्षेत्र में आप व्यवसाय करना चाहते हैं उसके सफल लोग सुझाव ले जिस सेक्टर में बिजनेस करने का निर्णय लिया हो उसके टूल्स की पढ़ाई करनी चाहिए जहां आपके बिजनेस से संबंधित बिजनेस होते हैं वैसे
जगह आपको जाना चाहिए

ऐसे मोके या आदमी की खोज। करनी चाहिए क्यू की बड़ा लक्ष्य परापत करने वाले मोके या आदमी हमेशा नहीं मिलते ओर ऐसे मोके मिल्ने पर हमें इसका सही से इस्तमाल करना आना चाहिए बिजनेस माए एंट्री क्रने से पहले हमने व्यावहारिक ज्ञान होना चाहिए आपके किसी दोस्त ने उस काम को किया या वो सफल हो गया इसलिए आप उस काम को मत करो

अगर बिज़नेस करने का निर्णय हो गया होगा तो अब कौन सा बिज़नेस करना है उसका निर्णय लो क्यू की हो बिज़नेस चुनाव करोगे उसकी सफलता या विफलता आपके कैरियर से संबंधित होगी तो ऐसा बिजनेस चुनो जो कर पाना आपको संभव हो